Sunday, April 2, 2017

वाह! रजीबा वाह!


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जिस देश में इतने सारे
स्मार्ट फोन, न्यू माॅडल कारें
महँगे रेस्तरां, माॅल्स, बिग बाज़ार
आलीशान सुरंग, चमचमाता सरकारी काफ़िला
देश के रहनुमा की खबसूरत इमेजेज़
और उसके पीछे हों हर दिन होली मनाते लोग
आतीश फोड़ते युवा, ता-ता-थैया करते पार्टी कार्यकर्ता
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उस देश में गरीबी और भूखमरी
भाषा, संस्कृति और राष्ट्र को
साम्राज्यवाद, पूँजीवाद से खतरा
खतरे में सल्तनत, खतरे में युवा
खतरे में देश का भविष्य
खतरे में देश के मूल्य, धर्म, नैतिकता
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हट पगले, मुझे नींद लेने दे!!!

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