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Friday, December 3, 2010

आँकड़ों में अख़बार पढ़ता पाठक

एआईआर (एवरेज इश्यू रीडरशिप) के मुताबिक हिंदी के टॉप टेन अखबारों में ‘दैनिक जागरण’, ‘दैनिक भास्कर’ और ‘हिन्दुस्तान’ पहले तीन पायदानों पर बने हुए है. सर्वे के मुताबिक, टॉप टेन अखबारों में आठवें नंबर तक रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस बार ‘प्रभात खबर’ दसवें नंबर से उछलकर नौवें नंबर पर पहुंचने में सफल रहा है. पिछली बार टॉप टेन कटेगरी से बाहर रहे ‘हरिभूमि’ ने टॉप टेन में वापसी की है.

‘दैनिक जागरण’ 1 करोड़ 59 लाख 50 हजार की रीडरशिप के साथ पहले नंबर पर जिसके पाठक संख्या में इस तिमाही में 25 हजार की बढ़ोतरी हुई है। टाप टेन में शामिल अखबारों में दैनिक जागरण की बढ़ोतरी संख्या सबसे कम रही है.
दूसरे स्थान पर रहे ‘दैनिक भास्कर’ ने 1 करोड़ 34 लाख 88 हजार की रीडरशिप के साथ जागरण के नजदीक पहुंचने की स्थिति में है. आँकड़ों में बढ़ोतरी 1 लाख 85 हजार की है जो दूसरी तिमाही में पाठक संख्या के मामले में 1 करोड़ 33 लाख 3 हजार थी.
‘दैनिक हिन्दुस्तान’ ने एक बार फिर छलांग लगाते हुए पिछली बार की ही तरह तीसरे पायदान पर रहा। ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ की पाठक संख्या 1 करोड़ 8 लाख 39 हजार पहुंच गई है जो पिछली संख्या
से 6 लाख 96 हजार अधिक है. यह बढ़ोतरी सभी अखबारों से ज्यादा है. दूसरी तिमाही के समय हिन्दुस्तान की पाठक संख्या 1करोड़ 1लाख 43 हजार थी.
चौथे स्थान पर रहे ‘अमर उजाला’ ने इस बार भी पुराना ओहदा बरकरार रखा है. तीसरी तिमाही के नतीजों के मुताबिक उसकी पाठक संख्या 85 लाख 83 हजार पहुंच गई है. 64 हजार की बढ़ोत्तरी के साथ चौथा स्थान पाए इस अखबार की दूसरी तिमाही के दौरान पाठक संख्या 84 लाख 17 हजार रही थी.
‘राजस्थान पत्रिका’ 72 लाख 17 हजार की पाठक संख्या सहित पांचवें नंबर पर बना हुआ है. तीसरी तिमाही में उसके रीडरशिप में 3 लाख 17हजार की बढ़ोत्तरी हुई है. जो हिन्दुस्तान के बाद सबसे ज्यादा है. दूसरी तिमाही के दौरान पत्रिका की रीडरशिप 69 लाख रही थी.
‘पंजाब केसरी’ छठे नंबर पर तो ‘नवभारत टाइम्स’ सातवें नंबर पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। ‘नई दुनिया’ नंबर आठ पर काबिज है, वहीं ‘प्रभात ख़बर’ एक पायदान ऊपर चढ़ते हुए नौवें नंबर पर आ गया है. ‘हरिभूमि’ एक बार फिर टॉप टेन में फिर से जगह बनाने में कामयाब रहा है. दूसरी तिमाही में हरिभूमि को टॉप टेन से बाहर होना पड़ गया था. स्रोत: आईआरएस क्यू 1-3, 2010

हँसों, हँसो, जल्दी हँसो!

--- (मैं एक लिक्खाड़ आदमी हूँ, मेरी बात में आने से पहले अपनी विवेक-बुद्धि का प्रयोग अवश्य कर लें!-राजीव) एक अध्यापक हूँ। श्रम शब्द पर वि...