गांडीव उठाओ एकलव्य!



यह मेरी लड़ाई है और इसे अकेले मुझे ही लड़ना चाहिए। कोई साथ दे, बहुत अच्छा...न दे, तो अपने दीपक की बाती स्वयं बनो।

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प्रतिष्ठा में,

डाॅ. सी. उल. प्रभावथी
कार्यकारी कुलसचिव,
बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय।

विषयः लोक शिकायत आवेदन पत्र (Reg. No. PRSEC/E/2015/01128 dated 06 Feb 15) के सन्दर्भ में बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय द्वारा ग़लत एवं निराधार सूचना दिए जाने के विरुद्ध प्रेषित शिकायत-पत्र के सम्बन्ध में अनुस्मारक-पत्र।
(शिकायतकर्ता राजीव रंजन प्रसाद को प्रेषित पत्र(CUB/PG/11/2015े विशेष सन्दर्भ में)

आदरणीय महोदया,

1. सादर निवेदन के साथ आपको इस उपर्युक्त विषय के सन्दर्भ में यह अवगत कराना है कि लोक शिकायतकर्ता राजीव रंजन प्रसाद ने  बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति जी को दिनांक 01 जुलाई, 2015 को अपने पास उपलब्ध सारे प्रामाणिक साक्ष्य ई. मेल के साथ प्रेषित किया हुआ है। इस ई. मेल की एक प्रतिलिपि आपको भी उसी के साथ भेजी गई है जिसका आपने अभी तक कोई प्रत्युत्तर लोक शिकायतकर्ता राजीव रंजन प्रसाद को नहीं दिया है। 

2. आपके द्वारा कोई जवाबी उत्तर न दिए जाने की स्थिति में लोक शिकायतकर्ता राजीव रंजन प्रसाद ने इस आशय का जिक्र करते हुए अपना एक ई. मेल श्री रामजी पाण्डेय(यू/एस)
अवर सचिव, मानव संसाधन विकास मंत्रालय(सूचना प्रकोष्ठ), उच्च शिक्षा विभाग को सम्प्रेषित किया है जिसका उचित माध्यम से उन्होने लोक शिकायतकर्ता को उत्तर देते हुए यह सूचना दी है कि इस मामले से सम्बन्धि एक ई. मेल दिनांक 19 जुलाई, 2015 को सीधे आपको भेजा गया  है।

3. महोदया, आपके द्वारा इस मामले में बरती जाने वाली किसी भी असंवेदनशीलता से लोक शिकायतकर्ता को भारी क्षति होगी। अपने छह साल के अथक मेहनत से किए गए शोध-कार्य  और अपने शोधावधि के अंतिम क्षणों में शिकायतकर्ता बेहद तनावग्रस्त एवं मानसिक-शारीरिक पीड़ा में है। 

4. लोक शिकायतकर्ता बिहार केन्द्रीय विश्वविद्याालय की इस उपेक्षा से बुरी तरह उत्पीडि़त है और शोध-कार्य के प्रति लोक शिकायतकर्ता की गंभीर एवं अध्ययनजीवी चाव/अभिरुचि समाप्तप्राय हो चुकी है। 

5. महोदया, उपर्युक्त प्रसंग के समाधान हेतु आपकी त्वरित कार्रवाई न केवल अपेक्षित है, अपितु लोक शिकायतकर्ता बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय के इस अन्यायपूर्ण रवैए तथा नैतिक दुराचरण के एवज में सिर्फ और सिर्फ अपनी सीधी नियुक्ति किए जाने की शर्त रखता है। 

6. इसके अतिरिक्त यह भी कि लोक शिकायतकर्ता राजीव रंजन प्रसाद को सीएमएस(CMS) विषय के अन्तर्गत सन् 2012 में विज्ञापित सहायक प्राध्यापक पद के तहत क्षतिपूर्ति रूप में तत्काल नियुक्ति दी जाए वह भी इस पद में नियुक्त हुए सहायक प्राध्यपकों की पदभार-ग्रहण की तारीख से दी जाए।

7. महोदया, लोक शिकायतकर्ता को पूरा विश्वास है कि आप उसकी पीड़ा एवं इस दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम का उचित निपटारा कर सकने में सक्षम होंगी और लोक शिकायतकर्ता को अपनी फरियाद लेकर पुनश्चः राष्ट्रपति कार्यालय अथवा न्यायालय से याचना करने से बचा लेंगी।

सादर,

शिकायतकर्ता/आवेदनकर्ता
राजीव रंजन प्रसाद
प्रयोजनमूलक हिन्दी
वरिष्ठ शोध अध्येता(जनसंचार एवं पत्रकारिता)
हिन्दी विभाग
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय
वाराणसी-221 005
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