वेरा पावलोवा की कविताएँ

वेरा अनातोलियेव्ना पावलोवा
जन्म: 4 मई 1963
उपनाम
वेरा पावलोवा
जन्म स्थान
मास्को, रूस
कुछ प्रमुख कृतियाँ
आसमानी जानवर (1997), दूसरी भाषा (1998), चौथा सपना (2000), हाथ का सामान (2005), भाषा के उस किनारे पर (2009) आदि कुल 18 कविता-संग्रह
विविध
अब अमरीका में रहती हैं।
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निर्रथकता का अर्थ / वेरा पावलोवा

हम धनवान हैं
हमारे पास कुछ भी नहीं है खोने को
हम पुराने हो चले
हमारे पास दौड़ कर जाने को नहीं बचा है कोई ठौर
हम अतीत के नर्म गुदाज तकिए में फूँक मार रहे हैं
और आने वाले दिनों की सुराख से ताका-झाँकी करने में व्यस्त हैं ।

हम बतियाते हैं
उन चीज़ों के बारे में जो भाती हैं सबसे अधिक
और एक अकर्मण्य दिवस का उजाला
झरता जाता है धीरे-धीरे
हम औंधे पड़े हुए हैं निश्चेष्ट -- मृतप्राय
चलो -- तुम दफ़्न करो मुझे और मैं दफ़नाऊँ तुम्हें।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : सिद्धेश्वर सिंह

हाँकहना / वेरा पावलोवा

क्यों इतना छोटा है 
'हाँ' शब्द


इसे होना चाहिए
सबसे लम्बा
सबसे कठिन
ताकि तत्क्षण निर्णय न लिया जा सके
इसके उच्चारण का ।

ताकि बन्द न हो परावर्तन का पथ
और मन करे तो
बीच में रुका जा सके इसे कहते-कहते ।
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अपने दाँत / वेरा पावलोवा

अपने दाँत
चमका लिए हैं मैंने

आज का दिन
और मैं
बराबरी पर हैं अब
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एक वायस मेल है कविता / वेरा पावलोवा

एक वायस-मेल है कविता :
कहीं बाहर चला गया है कवि

बहुत मुमकिन है 
न आए कभी लौटकर

कृपया अपना सन्देश छोड़ें
गोली की आवाज़ के बाद ।

अँग्रेज़ी से अनुवाद : मनोज पटेल
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