अमर चित्र कथा के संस्थापक का निधन


प्रेरणा-पुरुष को श्रद्धांजलि
लाखों भारतीय बच्चों का भारतीय संस्कृति और महापुरुषों के जीवन से परिचय कराने वाले अनंत पै का निधन हो गया है. अनंत पै चाचा के नाम से मशहूर रहे अमर चित्र कथा के संस्थापक और लेखक का निधन दिल का दौरा पड़ने के कारण हुआ, वे 81 वर्ष के थे. अमर चित्र कथा की अब तक 10 करोड़ से अधिक प्रतियाँ बिक चुकी हैं, आज भी कई भाषाओं में उसका प्रकाशन होता है और प्रति वर्ष उसकी 30 लाख से अधिक प्रतियाँ बिकती हैं.
कर्नाटक में 1929 में जन्मे अनंत पै ने रसायन विज्ञान में मुंबई से उच्च शिक्षा प्राप्त की थी. अनंत पै ने अपने करियर की शुरुआत टाइम्स ऑफ इंडिया समूह से की थी जहाँ वे इंद्रजाल कॉमिक्स के प्रकाशन से जुड़े रहे थे, उसके बाद उन्होंने अमर चित्र कथा के प्रकाशन के इरादे के साथ नौकरी छोड़ दी थी. अमर चित्र कथा का प्रकाशन 1967 में शुरू हुआ था. भारत के महापुरुष, वीर महिलाएँ, प्रख्यात वैज्ञानिक, स्वतंत्रता सेनानी और पौराणिक पात्र जैसी अनेक श्रृंखलाओं के माध्यम से उन्होंने न सिर्फ ज्ञान बढ़ाया बल्कि बच्चों को प्रेरित भी किया.
1980 में उन्होंने हिंदी और अँगरेजी में बच्चों की एक लोकप्रिय पत्रिका टिंकल का भी प्रकाशन शुरू किया. उन्होंने रामू और श्यामू और कपीश जैसे लोकप्रिय कॉमिक चरित्रों को जन्म दिया जो वर्षों तक भारतीय पत्र-पत्रिकाओं में छपते रहे. पिछले दिनों सीढ़ियों से गिर जाने के कारण उनकी कमर की हड्डी टूट गई थी और वे अस्पताल में भर्ती थे. 20 फरवरी 2011 को दिल्ली में आयोजित भारत के पहले कॉमिक कन्वेंशन में अनंत पै को ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से नवाजा गया था.

(बीबीसी हिन्दी से लिया गया साभार)
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