देखो बिरनी उड़ी-उड़ी


..........................
(देव-दीप के लिए......,)

उड़ी-उड़ी भाई, उड़ी-उड़ी
देखो बिरनी, उड़ी-उड़ी
लाल-पीली घुली-मिली
देखो बिरनी, उड़ी-उड़ी

उड़ी-उड़ी भाई, उड़ी-उड़ी
नन्ही-प्यारी बिरनी, उड़ी-उड़ी

फुर्तीले होते जिसके डंक
भयभीत होते राजा-रंक
उड़ी-उड़ी भाई, उड़ी-उड़ी
देखो बिरनी, उड़ी-उड़ी

देखती जिधर चीनी-गुड़
बिरनी जाती बार-बार मुड़
उड़ी-उड़ी भाई, उड़ी-उड़ी
देखो बिरनी, उड़ी-उड़ी

बड़े जतन से करती काम
धुन में रहना उसका विश्राम
उड़ी-उड़ी भाई, उड़ी-उड़ी
देखो बिरनी, उड़ी-उड़ी

बिरनी सबसे हिलमिल रहती
आसमान में झिलमिल करती
उड़ी-उड़ी भाई, उड़ी-उड़ी
देखो बिरनी, उड़ी-उड़ी

संगी-साथी, दोस्त और यार
बिरनी करती सबसे प्यार
उड़ी-उड़ी भाई, उड़ी-उड़ी
देखो बिरनी, उड़ी-उड़ी

उड़ी-उड़ी भाई, उड़ी-उड़ी
नन्ही-प्यारी बिरनी, उड़ी-उड़ी

Post a Comment

Popular posts from this blog

‘तोड़ती पत्थर’: संवेदन, संघात एवं सम्प्रेषण

उपभोक्ता-मन और विज्ञापन बाज़ार की उत्तेजक दुनिया

भारतीय युवा और समाज: