Thursday, July 25, 2013

यही सच है!


...............

आज दीपू
तुम्हारा जन्मदिन
और मैं बेरोजगार
चाहता हूँ
तुम्हारी हँसी उधार.....!

No comments:

हँसों, हँसो, जल्दी हँसो!

--- (मैं एक लिक्खाड़ आदमी हूँ, मेरी बात में आने से पहले अपनी विवेक-बुद्धि का प्रयोग अवश्य कर लें!-राजीव) एक अध्यापक हूँ। श्रम शब्द पर वि...