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R=Rahul Gandhi
N=Narendra Modi
A=Arvind Kejriwal
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R=Rahul Gandhi
N=Narendra Modi
A=Arvind Kejriwal
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की इच्छा, प्रवृत्ति और मनोभाव हम में चाहिए।
यह आलेख राहुल, अरविन्द और नरेन्द्र पर है जिन्हें जनता ‘मास-लिडर’ कहते नहीं अघा रही है। लोकतांत्रिक इतिहास में यह पहली बार नहीं है कि हम नेताओं को देवताओं की तरह पूज रहे हैं। लेकिन क्योंकर? यह भी तो जानें...!
आइये, इनके भाषणों/बोलियों/उवाचों की तलाशी लें। उनके चुनावी बोल की तलहटी का ज़ायज़ा लें। यह जानें कि आखिर यह ‘RNA' लोकतंत्र कितना सच्चा, जनसंवेदी और जनपक्षधर है। लोकप्रचारित और मीडिया द्वारा खड़े किये गए इन चुनावी वारिसों(राहुल गाँधी, नरेन्द्र मोदी और अरविन्द केजरीवाल) में वास्तव में कितना दमखम है; जीवन, संवेदना और विश्व-दृष्टिकोण है।
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