बाल सजग

ए लइकन लोग बढि़या प्रयास करऽताड़जा हो. तोहन जानि के मनवा में आपन देसवा के लेके अभिए से एतना फिकिर बा, इ देखि के मन जुड़ाइ गइल. करीब दू महीना के हमहू छुट्टी पर बानि. ए से तोहन जाना के लिखल हम देखत रहब खलिहल में. हमरा तरफ से मन से निक और अंदर से ठीक बनऽजा. आज देसवा के हमनि के इहे के जरूरत बा हो.
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